जीएसटी लाने की स्थिति बनी क्यों? What Was Behind GST?

  • रअसल Indian Constitution में Indirect Taxes संबंधी जो पुराने नियम थे, उनमें वस्तुओं के उत्पादन और सेवाओं पर टैक्स लगाने का अधिकार Central Government को दिया गया है। जबकि,वस्तुओं की बिक्री पर टैक्स लगाने का अधिकार State Governments को दिया गया है।
  • सबने अपने-अपने हिसाब से नियम बना डाले और श्रेणियां तय कर दीं। इसी चक्कर में एक-एक सामान पर कई-कई Tax और कभी-कभी टैक्स के उपर Tax के हालात भी बन गए। छोटे व्यापारी और कंपनियां अक्सर इन नियम कानूनों में उलझ जातीं थी।
  • इन विसंगतियों को दूर करने के लिए जीएसटी को ऐसे एकीकृत कानून के रूप में लाया गया है, ​जो माल एवं सेवा दोनों के Production से लेकर Sale तक पर लगाया जा सके।
  • Production और Sale का अलग-अलग पेंच खत्म करने के ​लिए जीएसटी का सिर्फ एक आधार तय कर दिया गया, Supply। इसके लिए बाकायदा Tax कानूनों में बदलाव किया गया। संसद में बाकायदा संविधान संशोधन की प्रक्रिया अपनाई गई। जिसके कारण GST कानून पारित होने में इतना लंबा समय लग गया।

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