जब एक कराधीन व्यक्ति की संपत्ति वार्ड न्यायालय के नियंत्रण में आ जाती है तब क्या होता है?

प्र 20. जब एक कराधीन व्यक्ति की संपत्ति वार्ड न्यायालय के नियंत्रण में आ जाती है तब क्या होता है?

उत्तर: जब एक व्यवसाय के कराधीन स्वामी की संपत्ति जिसके संबंध में कर, ब्याज या जुर्माना देय हो वार्ड के न्यायालय/प्रशासक जनरल/ सरकारी न्यासी/रिसीवर या प्रबंधक जिसे न्यायालय द्वारा किसी आदेश के अंतर्गत नियुक्त किया गया है, तब ऐसे लगाये गये कर, ब्याज या जुर्माने को वार्ड के न्यायालय/प्रशासक जनरल/सरकारी न्यासी/रिसीवर या प्रबंधक से उस हद तक वसूल किया जाएगा जैसा कराधीन व्यक्ति पर निर्धारित किया और वसूल किया जाएगा।

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